G7 Summit kya hai | G7 me kitne desh hain?

दोस्तों दुनिया में इतने बड़े देश है की उनकी जनसंख्या ही बहुत ज्यादा है तो कई देश ऐसे हैं जो
पॉपुलेशन में कम होने के बावजूद इतने ताकतवर हैं की किसी भी बड़े देश को धूूल चटा सकते हैं।

पूरी दुनिया में 190 से भी ज्यादा देश हैं और सभी का कुछ न कुछ योगदान इस दुनिया को चलने
के लिए होता हैं तथा इन देशों को समय समय पर एक दूसरे के साथ बात करनी होती हैं।

ऐसे में G7 Summit kya hai | G7 me kitne desh hain आपको जरूर पता होना चाहिए।

हर देश की अलग संस्कृति और अलग विचार होते हैं लेकिन G7 Summit जैसे मंच उन सभी देशों को
एक साथ आने का मौका देता है ताकि किसी भी समस्या का हल निकाला जा सके।

G7 समिट क्या है और G7 समिट में कौन कौन से देश है? यह प्रश्न बहुत सी परीक्षाओं में पूछा
जाता हैं इसलिए आज हमने आपको यह बताने का सोचा, उम्मीद है आज की पोस्ट G7 समिट क्या है
आपको जरूर पसंद आएगी।

G7 का फुल फॉर्म?

सबसे पहले जानते हैं की G7 समिट का फुल फॉर्म क्या होता है, G7 समिट का फुल फॉर्म “ग्रुप ऑफ सेवन” जिसका मतलब होता हैं ऐसा ग्रुप जिसमे 7 देश हो।

G7 समिट क्या है?

G7 समिट ऐसा मंच हैं जिसमे दुनिया के 7 सबसे शक्तिशाली और सबसे ज्यादा GDP वाले देश शामिल होते है और यह एक अंतर्राष्ट्रीय अंतर सरकारी संगठन हैं।

समिट G7 में जितने देश शामिल होते है वह पूरी दुनिया का 32% GPD का प्रतनिधितिव्य करते हैं।

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G7 समिट में यूरोपियन तथा अलग अलग देशों को शामिल किया जाता रहा हैं ताकि देश अपनी बातें
रख सके और G7 में अभी 7 देश हैं।

G7 की स्थापना कब हुई?

G7 की स्थापना सन 1975 में हुई थी लेकिन उस समय इसमें सिर्फ 6 देश ही थे जिसे G6 समिट कहते थे, एक साल बाद 1976 में कनाडा को शामिल किया गया और इसी कारण इसका नाम G7 हो गया।

इसके एक साल बाद सन 1997 में रूस को भी इसमें शामिल किया गया और इसका नाम G8 हो गया लेकिन कुछ समय बाद रूस को इससे बाहर कर दिया गया,

क्योंकि रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर कब्ज़ा किया था जिसकी वजह से उसे G8 से बाहर कर दिया और इसका नाम फिर से G7 हो गया।

G7 में कितने देश हैं?

जैसे की इसका नाम है G7 उसी तरह इसके 7 देश हैं लेकिन हमेशा से इसमें 7 देश नहीं थे।

जब G7 को बनाया गया था तब इसमें सिर्फ 6 देश थे बाद में कनाडा के आने के बाद G7 हो गया।

वर्तमान में G7 (ग्रुप ऑफ सेवन) में फ्रांस, इटली, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा, जापान और अमेरिका जैसे
बड़े बड़े देश शामिल है।

मानवाधिकारों की सुरक्षा, कानून का शासन, आर्थिक समृद्धि, लोकतंत्र, और दुनिया का विकास
यहीं G7 समिट का मुख्य कार्य होता हैं।

सरल शब्दों में कहा जाए तो दुनिया को दिशा देने का मुख्य कार्य यह G7 समिट करता हैं।

G7 समिट के कार्य कौन कौन से हैं?

G7 समिट का मुख्य उद्देश्य सामाजिक तथा आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करना होता हैं तथा यह बैठक हर साल आयोजित की जाती हैं। इसमें जितने भी देश होते है सभी को बारी बारी से अध्यक्षता करने का अवसर मिलता है।

जो भी देश मेजबानी करता हैं उसे G7 से बाहर के देशों को भी आमंत्रित करने का मौका मिलता हैं, जिसकी वजह से अन्य देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है।

G7 समिट के देशों के विकाश के लिए आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है तथा कैसे दुनिया को और
बेहतर बनाए इस पर विशेषकर चर्चा होती हैं।

G7 का मुख्यालय कहा है?

G7 का अभी तक कोई औपचारिक मुख्यालय नहीं हैं और न ही इसका कोई औपचारिक नियम और कानून हैं।

जिसका मतलब हैं की इसमें जितने भी फैसले लिए जाते हैं और निर्णय गैर बाध्य होते है जिसका मतलब यह हैं की इसमें शामिल देश यह निर्णय मानने के लिए बाध्य नहीं होते हैं।

इसमें शामिल देश का पूरा हक हैं की किसी निर्णय को माने या नहीं।

G7 समिट को क्यों बनाया गया?

G7 Summit kya hai | G7 me kitne desh hain यह जानने के बाद आपको बताते है की आखिर G7 ग्रुप को क्यों बनाया गया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।

समिट G7 को शुरुवात में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा आर्थिक मुद्दों, ग्लोबल तेल
संकट, वित्तीय संकट आदि विषयों पर चर्चा करने के लिए बनाया गया था तथा कैसे इन मुद्दों को हल
किया जाए इसलिए G7 का गठन किया गया हैं।

G7 में भारत के न्योता क्यों दिया गया?

जैसा मैने आपको पहले बताया हैं की जो भी देश इसकी मेजबानी करता है उसको पूरी अधिकार होता हैं की वह G7 से बाहर के देश को भी आमंत्रित कर सकता है।

और धीरे धीरे पूरी दुनिया भारत की ताकत को भी महसूस तथा जान रहीं है और भारत दुनिया का
सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं जिसकी वजह से G7 में भारत को न्योता दिया गया।

एक सच यह भी हैं की पूरी दुनिया के लिए भारत एक बढ़ता हुआ राष्ट्र हैं जो आगे चलकर दुनिया
का प्रतिनिधित्व करेगा तथा भारत एक सबसे अच्छा मार्केट हैं इसी वजह से G7 में भारत को आमंत्रित किए गया।

हालांकि अभी भारत me हालत थोड़े गंभीर है जिसका फायदा उठाते हुए इंटरनेशनल News
मीडिया ने भारत के खिलाफ़ कई भ्रम और झूठ फैलाने का काम किए है,

लेकिन इसके बावजूद G7 समिट में भारत के बढ़ते कद को देखा गया तथा भारत को आमंत्रित किया गया।

G7 के सामने चुनौतियां?

किसी भी ग्रुप या राष्ट्र को सही से चलने के लिए जरूरी हैं की उसमे रह रहे देश वासी या उस ग्रुप के लोग बेहतर तरीके से रहे लेकिन G7 में समय समय पर मतभेद सामने आते रहे हैं जो किसी से छुपे नहीं हैं।

कई बार इनमें असहमति भी हो जाती है आपको बता दें कि G7 में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिणी भाग के कोई भी देश शामिल नहीं हैं इसी वजह से सवाल उठते हैं की G7 पूरी दुनिया का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकता हैं।

G7 ग्रुप के अभी भी भारत और चीन जैसे बड़े देशों को शामिल नहीं किया गया है जिसका कारण इन देशों के लोगों की प्रति व्यक्ति आय का कम होना तथा विकसित अर्थ्यावस्था का न होना बताया जाता हैं।

2021 में G7 समिट कब हैं?

आपको बता दें कि 2021 के G7 11 जून को आयोजित किया जाएगा जिसकी जानकारी आपको
न्यूज के माध्यम से जरूर मिल जाएगी।

निष्कर्ष

दोस्तों आज की इस पोस्ट जिसका नाम G7 Summit kya hai | G7 me kitne desh hain इससे आपको जरूर आज कुछ नया सीखने को मिला होगा।

अगर इस पोस्ट या मेरे ब्लॉग से जुड़े आपके मन में कोई सवाल या सुझाव हैं तो आप हमे कमेंट
बॉक्स में लिखकर ज़रूर बताएं, उम्मीद हैं G7 Summit kya hai यह जानकारी आपको पसंद आई होगी।

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3 thoughts on “G7 Summit kya hai | G7 me kitne desh hain?”

  1. aapki jitni bhi post he sabhi me bhaut knowledge hota hai.

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