भविष्य के लिए कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहिए।

दोस्तों प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ने हमारे जीवन में काफी बदलाव किए है इसका इस्तेमाल हर क्षेत्र में हो रहा है और इसकी मदद से एक अलग ही दुनिया में हम पहुंच गए है तथा इसकी सहायता से कई सारे मोबाइल एप्लिकेशन बनाए जाते है जिन्हे अक्सर हम अपनी डेली लाइफ में इस्तेमाल करते है, इसलिए इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा भविष्य के लिए कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहिए।

साल 2021 और इसके आने वाले कई सालों में टेक्नोलॉजी और साइंस कि दिशा में कई सारे आविष्कार होने वाले है आप ऐसा भी कह सकते है की आज जिन्हे टेक्नोलॉजी का सही ज्ञान है वह अपनी लाइफ में कुछ भी कर सकते है, इसलिए आप भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख सकते है।

इस पोस्ट के माध्यम से भविष्य में कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली है यह आपको जानने को मिलेगा जिससे आपको भी एक आइडिया होगा की मुझे कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहिए।

वैसे तो वर्तमान काल में ही बहुत ढेर सारी लैंग्वेज है जो अपने अपने क्षेत्र में काफी इस्तेमाल की जाती है लेकिन भविष्य में कहीं न कहीं उससे भी ज्यादा हाईटेक लैंग्वेज का इस्तेमाल होने वाला है इसलिए आपको खुद को अभी से तैयार करना होगा।

कोटलिन

इस लैंग्वेज को जेटब्रेन ने डेवलप किया था, इसके साथ यह लैंग्वेज एक ओपनसोर्स है जिसका मतलब होता है की इसे कोई भी व्यक्ति अपने काम हेतु इस्तेमाल कर सकता है तथा यह बिल्कुल फ्री होती है। यह लैंग्वेज जावा के साथ कंपाइल है जाती है जिससे प्रोग्रामिंग करना थोड़ा आसान हो जाता है।

भविष्य के लिए कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहिए।

साल 2016 में कोटलिन का वर्जन 1.0 आया था तथा इसके ठीक एक साल बाद नवंबर 2017 में वी 1.1 आया था, कोटलिन का इस्तेमाल बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है जैसे वेब डेवलपमेंट, एंड्रॉयड डेवलपमेंट, और विंडोज़ डेवलपमेंट आदि के क्षेत्र में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

कोटलिन जावा वर्चुअल मशीन पर रन करती है तथा सबसे फास्टेस्ट लैंग्वेज लैंग्वेज में से एक है बता दें की इस लैंग्वेज को सीखना भी कुछ हद तक आसान है बस थोड़ी सी मेहनत करके आप इसको बहुत अच्छे से सीख सकते है।

स्विफ्ट

इस लैंग्वेज को साल 2014 में रिलीज किया गया था, स्विफ्ट को एप्पल और ओपनसोर्स कम्युनिटी ने मिलकर डेवलप किया है, यह लैंग्वेज सिम्पल होने के साथ – साथ सेफ तथा आसान और जल्दी याद होने वाली है।

इस लैंग्वेज को ऑब्जेक्टिव सी का रिप्लेसमेंट भी कहा जा सकता है, खासकर इसे आईओएस डेवलपमेंट करने के लिए बनाया गया है। इसका सबसे मुख्य फीचर इसका लैंग्वेज डिजाइन है जिसका मतलब है की यह बेहद क्लीन तथा बहुत सी फास्ट लैंग्वेज है।

स्विफ्ट सी ++ से बहुत ज्यादा फास्ट है इसके कई ऐसे फीचर है जो इसे बहुत सारी लैंग्वेज से अलग बनाती है, स्विफ्ट सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली लैंग्वेज में 6 नंबर पर आती है।

गोलैंग

इसे साल 2007 में प्रोग्रामिंग प्रोडक्टिविटी बढ़ाने तथा लार्ज कोर, मल्टी कोर और नेटवर्क मशीन की प्रोडक्टिविटी इंप्रूव करने के लिए बनाया गया था इसे गूगल द्वारा बनाया गया था इसके बनने के 2 साल बाद नवंबर 2009 में इसे सबके लिए ओपन सोर्स कर दिया गया।

इस लैंग्वेज का इस्तेमाल गूगल तथा और कई सारे ऑर्गनाइजेशन बहुत बड़े पैमाने पर करते है जिसमे ओपन सोर्स प्रोजेक्ट भी शामिल होते है, इसे बहुत हाई कॉम्प्लेक्स कोड्स को सपोर्ट देने के लिए भी बनाया गया है।

वेब एप्लिकेशन तथा एपीआई और वेब सर्वर के लिए इस लैंग्वेज को काफी बेहतर बताया गया है अगर आप यह सीख लेते है तो आपको काफी अच्छा सालाना पैकेज लग सकता है।

टाइप स्क्रिप्ट

इस लैंग्वेज को डिजाइन और मैंटेन माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा किया जाता है यह जावा की स्ट्रिक्ट सिंटैक्टिकल सपरसेट है। इसके सबसे पहले 2012 में पब्लिक किया गया था तथा इसमें क्लीन कोड्स होते है कहने को मतलब यह है की सिम्पल तथा ज्यादा स्पीड में काम करने के लिए इसको डिजाइन किया गया है।

यह दुनिया में सबसे ज्यादा तेज़ी से ग्रो होने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में से एक है, गिटहब के अनुसार टाइप स्क्रिप्ट को सबसे ज्यादा पसंद तथा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली लिस्ट में 5 नंबर पर रखा गया है।

आर प्रोग्रामिंग

आर एक एनालिसिस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है जिसे ग्राफिकल और स्टेटिकल एनालिसिस के बहुत बड़े डेटा को अनालाईस करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आज लैंग्वेज डेटा माइनिंग तथा डेटा के रिप्रेजेंटेशन में काफी मददगार साबित होती है।

इसे सबसे पहले सन 1976 में बैल लैब के द्वारा इंप्लीमेंट किया गया था तथा इसमें इनबिल्ट लाइब्रेरी होती है जिसका इस्तेमाल ग्राफिकल और स्टेटिकल डेटा को एनालिसिस करने के लिए उपयोग किया जाता है।

आर प्रोग्रामिंग के कुछ पुराने कोड्स है जिन्हे सी, सी ++ और फॉरट्रान जैसी लैंग्वेज में भी लिखा गया है।

डार्ट

डार्ट को क्लायंट ऑप्टिमाइज्ड लैंग्वेज भी कहां जाता है, इसका इस्तेमाल मोबाइल ऐप और आईओएस के ऐप बनाने में किया जाता है, इस लैंग्वेज को भी गूगल के द्वारा डेवलप किया गया था।

अगर आप सोच रहे है कि मोबाइल ऐप बनाने के लिए इतनी सारी लैंग्वेज होती है? आपको बता दें की सभी लैंग्वेज में कुछ न कुछ अलग होता है हर भाषा का अपना अलग महत्व होता है किसी का इस्तेमाल सिम्पल ऐप तथा किसी का इस्तेमाल सर्वर बेस्ड ऐप बनाने के लिए किया जाता है।

यह लैंग्वेज सबसे पहले 10 अक्टूबर 2011 को पब्लिक के सामने लाई गई थी, गिटहब की रिपोर्ट के अनुसार डार्ट लैंग्वेज सबसे ज्यादा ग्रो होने वाली लैंग्वेज में से एक है इसका आगे भविष्य में उपयोग बढ़ेगा।

निष्कर्ष

दोस्तों यह थी कुछ ऐसी लैंग्वेज जिनका भविष्य में काफी ज्यादा उपयोग बढ़ने वाले है तथा इस पोस्ट में मैंने आपको बताया कि भविष्य के लिए कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहिए। मुझे लगता है की जिस भी लैंग्वेज को मैंने इस पोस्ट में बताया यह कुछ हाई लेवल कि लैंग्वेज हो सकता है।

मुझे लगता है कि अब आपको अच्छे से समझ आ गया होगा की अब आपको कौन सी लैंग्वेज सीखना चाहिए, ऐसा नहीं है की यह बहुत कठिन है अगर आपको सच में यह सीखने में रुचि होगी तो आप कोई भी कठिन से कठिन काम भी बड़ी आसानी से कर पाएंगे।

मुझे पूरी आशा है कि मेरी इस पोस्ट भविष्य के लिए कौन सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखना चाहिए इससे आज आपको कुछ नया सीखने को जरूर मिला होगा, अगर इस पोस्ट से जुड़े आपने मन में कोई भी सवाल है तो आप हमसे बेझिझक पूछ सकते है, तथा अंत तक इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

Hello friends, I am "Rahul" Author & Founder of TechySeizer.in. If I Talking about my education I am in BSC 3rd year. I love knowing things related to technology and teaching others. Just keep supporting our content, we will keep giving you new information :)

Sharing Is Love:

Leave a Comment