Cloud Computing क्या होती है ? और कैसे काम करती है ?

Today’s Topic:- Cloud Computing क्या होती है ?

Friends, आप सभी फोन और कंप्यूटर का Use तो करते ही होंगे तो आपने कभी ना कभी ये word
ज़रूर सुना होगा कि Cloud Computing क्या होती है क्या सच में बादलों में कंप्यूटर लगे होते हैं या
फिर बात कुछ और है।

हमने पिछले 20 सालों में कंप्यूटर के क्षेत्र में काफी मुकाम हासिल कर लिए है और रोज के रोज कुछ ना कुछ
कंप्यूटर के field में हो रहा है और आपने ये भी सुना होगा कि जो बड़ी बड़ी Companies होती है वो
Cloud Computing का use करती है, और आप भी दिन भर पता नहीं कितनी बार इसका Use
करते हो, उदाहरण के तौर पर जब आप Flipkart जैसी Service का Use करते हो
तो आप Cloud Computing का उपयोग कर रहे होते हो अब क्युकी आपको पता नहीं कि Cloud
Computing Kya Hota hai इसलिए आप इतना ध्यान नहीं देते।

Also Read:-ECC Memory क्या होती है ? Computer Memory क्या होती है ?

आज जितनी भी बड़ी बड़ी Companies है वो सब Cloud Computing का Use करती है ये
विषय बहुत ज्यादा चर्चा में है और आपके कैसे काम आ सकता है आपको ये पता होना चाहिए, तो चलिए
देर किस बात की शुरू करते है।

Cloud Computing क्या होती है

Cloud क्या होता है ?

Friends ये तो आपको भी पता है कि बादल हमेशा एक जैसे नहीं होते कभी कहीं होते है तो कभी कहीं
और इनका Size भी हमेशा घटते बढ़ता रहता है ठीक उसी तरह मान लो की आप कुछ Service देते हो
जहां Morning में कम लोग आते है दिन में थोड़े ज्यादा हो जाते है और शाम को सबसे ज्यादा हो जाते है
और रात में और कम हो जाते है, तो ये भी उन बादलों कि तरह घटते बढ़ते रहते है बस इसी से Relate
करके उसका नाम रख दिया Cloud क्युकी आपके काम में Users की संख्या Fix नहीं है कभी बहुत
सारे user है तो कभी बहुत कम तो इससे जोड़कर नाम आया Cloud Computing।

Cloud Computing क्या होती है?

दोस्तों मान लीजिए आप बहुत ज्यादा Heavy काम करते है या फिर आपके पास बहुत बड़ी बड़ी फाइल है
और आपको बहुत सारा Storage चाहिए या फिर बहुत सारा काम एक साथ करना है क्युकी फिर
आपको बार बार आपके कंप्यूटर में Specifications बड़वानी पड़ेगी तो क्यों न एक काम करें जिसके
पास बहुत अच्छा कंप्यूटर है हम उसको बोलें कि तू अपने वहां से मेरा मेरा काम करके इंटरनेट के द्वारा दे दे
और मेरे पास इंटरनेट है मैं यहां से अपने कंप्यूटर में काम कर लूंगा।

मतलब कि मैं तुम्हारे कंप्यूटर कि पॉवर Use करूंगा और अपने घर बैठकर मेरा काम कर लूंगा, ये तो
बहुत अच्छा Idea है, Friends ऐसे ही काम करती है Cloud Computing। आपने देखा होगा
बहुत सी कंपनी हमें ऑनलाइन स्टोरेज देती है जिन्हे हम Cloud Storage बोलते है, इसमें भी यही
होता है आप जो भी Save करते है वह उनके कंप्यूटर में save हो जाता है और उनके कंप्यूटर कि
पॉवर लगती है और हमें जब भी कुछ देखना हो या काम करना हो हम Login करके कर लेते है।

चलिए अब कुछ उदाहरण से समझने की कोशिश करते है।

Facebook जो दुनिया का सबसे Popular App में से है
उसके 260 करोड़ Active Users है और रोज़ बढ़ते जा रहे है उसमे रोज 350 Million से ज्यादा
फोटो अपलोड की जाती है और 5 Million से ज्यादा वेबसाइट 70 Million Operation प्रति
सेकंड करती है जो किसी नॉर्मल कंप्यूटर से नहीं हो सकता इसलिए हमे कुछ नए कि जरूरत है ऐसे में
हमारे पास सबसे अच्छा विकल्प है Cloud Computing जो इन कामों को बख़ूबी कर रहा है

Cloud Computing क्या होती है

Cloud computing के उदाहरण

1. अब तक का सबसे अच्छा उदाहरण है YouTube जिसे आप भी रोज चलाते है जिसमे 300 घंटे से
ज्यादा के वीडियो हर मिनट अपलोड किए जाते है, और 5 Billion (500 करोड़) से ज्यादा के वीडियो
हर रोज देखे जाते है।

2. Google Drive , MEGA, DROPBOX, ONEDRIVE, ये बहुत अच्छे उदहर है
Cloud Computing का जिसमे करोड़ों Users रोज़ आते है और अपना काम करके चले जाते है।
जब ज्यादा Users आते है तो सिस्टम वैसा काम करने लगता है और अगर कम होते है तो सिस्टम वैसा
काम करने लगता है। इसलिए इसको Cloud कहां जाता है क्युकी इसका काम users पर Depend रहता है।

Cloud Computing कैसे काम करती है ?

दोस्तों ऐसा नहीं है कि आप Cloud Computing अपने घर में नहीं लगा सकते आप बिल्कुल कर सकते हो
लेकिन आपके कंप्यूटर में 24×7 इंटरनेट होना चाहिए और सबसे बड़ी बात आपका कंप्यूटर कभी भी बंद नहीं
होना चाहिए। इसी वजह दे भारत में भी बहुत सी बड़ी बड़ी Companies दूसरे देश कि Cloud को उपयोग में लेते है

जहां भी ये कंपनी होती है वहां बहुत अच्छे Computer होते है High Speed internet होता है तो ये
लोग आपको बोलते है कि अगर आपको अपना डेटा स्टोर करना है तो आप यहां कर सकते हो लेकिन आपको
कुछ पैसा देना होगा, और इसके बाद आप कभी भी और कहीं भी इसका Use कर सकते हो।
अब देखिए यहां क्या होता है कि, उनके पास बड़े बड़े Server होते है जो हमेशा चालू रहते है जैसे कि आपने
कुछ भी अपलोड किया तो वो सीधे उनके Server में चला जाता है और उनके कंप्यूटर में ECC Memory
लगी होती है जो आपके डेटा को Currept होने से बचाती है।

आप कुछ भी अपलोड करते हो वो ECC Memory के द्वारा पूरा Scan होकर Save हो जाता है और
अगर आप 5-10 साल भी उसको एक्सेस करते हो तो आपको वैसा का वैसा डेटा मिल जाता है। अब क्युकी
इसमें Encryption का use होता है इसलिए कोई भी दूसरा व्यक्ति हमारे डेटा को देख नहीं सकता।
In Case कभी बाढ़ भी आई या फिर कुछ तकनीकी खराबी भी हुई तो भी आपका डेटा हमेशा सुरक्षित
रहता है क्यूंकि उनके पास पूरा डेटा का Backup होता है जो किसी भी नुकसान से बचाता है।

Cloud Computing के प्रकार

1. Private Cloud ये एक ऐसा cloud infrastructure है जो की dedicatedly
किसी एक particular IT organization के सारे application को host करता है
जिससे की इसका complete control data के ऊपर होता है जिससे की security
breach होने की आशंका नहीं के बराबर होती है.

2. Public Cloud इस प्रकार के cloud infrastructure को दुसरे Service
provider host करते हैं और जिन्हें बाद में public कर दिया जाता है. ऐसे cloud में
users का कुछ भी control नहीं होता है और न ही वो infrastructure को देख
सकते हैं. उदहारण के तोर पे Google और Microsoft दोनों खुद ही अपना cloud
infrastructure own करते हैं और बाद में access public को दे देते हैं.

3. Community Cloud ये एल multi-tenant cloud infrastructure होता है
जिसमे की cloud को दुसरे IT organizations के बिच share किया जाता है.

4. Hybrid Cloud ये Combination होती हैं 2 या ज्यादा विभिन्न प्रकार के clouds
(Private, Public and Community) तभी जाकर कहीं Hybrid cloud
infrastructure बनता है जहाँ हरेक cloud एक single entity बनकर रहता है लेकिन
सभी clouds combine होकर multiple deployment models तैयार करते हैं जो की फायेदे मंद हैं.

Types of Cloud Computing

Cloud computing को मुख्यत तीन हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है जो की हैं:
IaaS, PaaS, and SaaS.

1) Infrastructure as a service (IaaS) ये service self-service models
के होते हैं जिससे की monitoring, accessing और infrastructure को manage
करने के लिए इस्तमाल किया जाता है किसी remote location से.
Examples – Servers, Firewalls, Routers, CDN

2) Platform as a service (PaaS) यह Centralized IT operations से computing
infrastructure को प्रबंधित करने के लिए software developers की एक self-service
module की पंक्ति प्रदान करता है ।
Examples – Email services: Gmail, Outlook.com

3) Software as a service (SaaS) SaaS वेब को access करता है वो application
को deliver करने के लिए जो की third-party vendors के द्वारा manage किया जाता है और
जिसकी user interface केवल client के और से access किया जा सकता है.
Application Building: Google App Engine, SAP Hana, Cloud Foundry

Conclusion

Cloud Computing ने सब कुछ बदल कर रख दिया है जहां कुछ सालों पहले है बिल्कुल
नामुमकिन लग रहा था लेकिन अब हर क्षेत्र में इसका Use हो रहा है इसका सबसे ज्यादा लाभ
IT Companies को हुआ है उनका पूरा बिजनेस करने का तरीका है बदल गया है इससे
देखकर तो यही लगता है कि इसका प्रभाव आने वाले कुछ समय में और अधिक बढ़ने वाला है।

दोस्तों ये Cloud Computing बहुत बड़ा टॉपिक है लेकिन फिर भी मैंने आपको सब कुछ
बहुत आसान भाषा में समझाने कि कोशिश की है।

मुझे पूरी उम्मीद है अब आपको बहुत अच्छे से समझ में आ गया होगा की Cloud Computing
क्या होती है और कैसे काम करती है, तो ये थे कुछ तथ्य जो आपको जानना बहुत जरूरी था।

अगर आपका कोई सवाल है तो बेजीझक कुछ भी पूछ सकते ही मैं आपकी पूरी मदद करूंगा।।
एक बार फिर आपका पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए दिल की गहराइयों से धन्यवाद, हम मिलते है अपनी अगली पोस्ट हैं।
जय हिन्द!!

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