सुपरकंप्यूटर क्या होते है? सुपरकंप्यूटर का इतिहास क्या है?

देखिए हमें बचपन से यही सिखाया गया है कि सुपरकंप्यूटर आकार में बहुत बड़े होते है और यह
सबके लिए नहीं बने होते, लेकिन वहां सवाल तो आपके मन मे भी आया होगा कि आखिर ये
सुपरकंप्यूटर क्या होते है और सुपरकंप्यूटर का इतिहास क्या है। तो दोस्तो इसी सवाल का जवाब लेकर हाजिर है हम, आज इस पोस्ट से
आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

अगर हम पिछले कुछ वर्षो कि बात करें जब कंप्यूटर किसी रूम के आकार जितने बड़े हुआ
करते थे, और इन्हे लाने और लेजाने में काफी मुश्किल होती थी लेकिन धीरे धीरे इससे जुड़े कई
आविष्कार हुए जिससे कंप्यूटर तथा कंप्यूटर कि दुनिया को हमेशा – हमेशा के लिए बदल कर रख दिया।

तो क्या सच में सुपरकंप्यूटर भी इतने मॉडर्न टेक्नोलॉजी के जामाने में आकार में बड़े है, आखिर
इसका काम क्या है तथा इससे जुड़े कई सारे सवाल हमे दिमाग में उठते है। देखिए हमारा आज का
स्मार्टफोन भी उस समय के कंप्यूटर से कई गुना फास्ट तथा इफैक्टिव है।

फास्ट चार्जिंग क्या है ? फास्ट चार्जिंग कैसे काम करती है
इन्फॉग्रफिक्स क्या होता है? इन्फॉग्रफिस को क्यों इस्तेमाल किया जाता है।

सुपरकंप्यूटर क्या होते है?

दोस्तों सुपरकंप्यूटर दुनिया का सबसे ताकतवर कंप्यूटर है जिसे खासकर बहुत बहुत बड़े झटिल तथा वैज्ञानिकों के गणनाओं को प्रोसेस
तथा दर्शाने के लिए बनाया गया है। इसमें हजारों सीपीयू लगे होते है जो लाखो करोड़ों गणितीय
प्रोग्राम को महज कुछ सैकडों में सॉल्व करने में सक्षम होते है।

नॉर्मल घरेलू कंप्यूटर को एमआईपीएस में मापा जाता है लेकिन सुपरकंप्यूटर को फ्लॉप के माध्यम
से मापा जाता है। आपको बता दे दुनिया का सबसे पहला सुपरकंप्यूटर का नाम सीडीएस 6600 था
तथा इसे सेमर क्रे ने बनाया था। एक सामान्य कंप्यूटर में जहां एक वक्त पर महज कुछ ही टास्क
हो सकते है लेकिन इसमें एक ही समय में हजारों टास्क एक साथ होते है।

सुपरकंप्यूटर में बहुत सारे टास्क को उसमे मौजुद हजारों सीपीयू में बांट दिया जाता है जिससे टास्क
महज कुछ सैकडों में खत्म हो जाता है। जिसे पैरलल तथा ग्रिड प्रोसेसिंग करते है,

इसी सिद्धांत कि मदद से सुपरकंप्यूटर फास्ट तथा जटिल से जटिल कामो को कुछ ही सैकडों में कर
लेते है। ये तो बात हो गई सुपरकंप्यूटर क्या होते है तथा सुपरकंप्यूटर की परिभाषा क्या है। अब जानते
है सुपरकंप्यूटर का इतिहास क्या है?

सुपरकंप्यूटर का इतिहास

अगर पिछले कुछ वर्षो के सुपरकंप्यूटर की बात करे तो आपने देखा होगा कि इनका आकार कहीं न
कहीं बढ़ा है। हालंकि नॉर्मल कंप्यूटर साइज में कम हुए है आपको बता दें कि कंप्यूटर के अलग अलग पार्ट्स को बहुत सारे लोगों ने बनाया है कोई ऐसा नहीं कहा सकता की पूरा कंप्यूटर सिर्फ एक व्यक्ति ने ही बनाया है क्यूंकि इसके पूछे बहुत सारे लोगो का दिमाग लगा है।

1946 – जॉन मौचली और जी. प्रेस्पर इककर्ट ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेनसिल्वानिया में रहते हुए इएनआईएसी (इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटेग्रेटर एंड कंप्यूटर) का निर्माण किया था जो उस समय सबसे पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था। यह कंप्यूटर 25मीटर बड़ा तथा वजन में 30 टन का था। बाद में इसे मिलिट्री को सौंप दिया था उनकी साइंटिफिक प्रॉब्लम को दूर करने के लिए।

इसके बाद सन 1953, तथा 1956 और आने वाले कई सालों में बहुत सारे बदलाव देखने को मिले तथा है सुपरकंप्यूटर बेहतर होते गए; जैसे जैसे इनमें बदलाव होते गए इनका आकार भी बढ़ने लगा इसलिए आज इसका साइज काफी बड़ा देखने को मिलता है नॉर्मल कंप्यूटर से।

दुनिया का फसेस्ट स्पीड वाला सुपरकंप्यूटर कौन सा है?

साल 2020 में जापान का फुगाकु कंप्यूटर दुनिया का सबसे ज्यादा फास्ट सुपरकंप्यूटर बन गया है, हालंकि सुपरकंप्यूटर है तो इससे हीट भी बहुत ज्यादा मात्रा में निकलती है जिसकी परफॉर्मेंस 415.5 पेटाफ्लॉप है इसके पहले यह रिकॉर्ड समिट सुपरकंप्यूटर के नाम पर था।

जापान का यह फूगाकु सुपरकंप्यूटर कोबे नाम कि जगह पर मौजुद है।

भारत में कितने सुपरकंप्यूटर है

दोस्तो आपको बता दे की दुनिया में सबसे ज्यादा सुपरकंप्यूटर चाइना के पास है, जून 2020 में हुई एक स्टडी के अनुसार चीन के पास कुल 226 सुपरकंप्यूटर है। इसके बाद दूसरे नंबर पर यूनाइटेड स्टेट आता है जिसके पास कुल 113 सुपरकंप्यूटर है।

चलिए ये तो हुई कि सबसे ज्यादा सुपरकंप्यूटर किसके पास है अब बात करते है कि भारत के पास कितने सुपरकंप्यूटर है।हमारे भारत में टोटल 11 सुपरकंप्यूटर है तथा यह 11 सुपरकंप्यूटर दुनिया के टॉप 500 सुपरकंप्यूटर की लिस्ट में आते है जिनमे में कुछ कंप्यूटर के नाम इस प्रकार है,

1. सहस्र
2. आदित्य
3. तिफर कलर बोसन
4. आईआईटी दिल्ली एचपीसी
5. परम युवा 2

यह 5 सुपरकंप्यूटर के नाम है।

सुपरकंप्यूटर कहा इस्तेमाल किए जाते है ?

दोस्तों आपने समझा की सुपरकंप्यूटर क्या होते है लेकिन अब जानिए कि इनका इस्तेमाल कहां होता है क्यूंकि आपने अभी तक छोटी मोटी जगह पर इनका इस्तेमाल होते नहीं देखा होगा।

सुपरकंप्यूटर का उपयोग अक्सर मिलिट्री के काम के लिए, अंतरिक्ष तथा स्पेस की रिसर्च के लिए,
मौसम की जानकारी के लिए आदि जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है। दोस्तों अगर आपने ब्लैक होले कि तस्वीर देगी होगी तो आपने कभी
यह जरूर सोचा होगा कि आखिर इसकी फोटो कैसे ली गई होगी क्यूंकि इतना अच्छा कैमरा दुनिया में
बना ही नहीं।

ब्लैक होल को सुपरकंप्यूटर के द्वारा है रचा गया है जितने भी स्पेस की रिसर्च होती है वह सुपरकंप्यूटर
के बिना संभव नहीं है, हमने अब न जाने कितने सारी गैलेक्सी कि खोज करली है यह सब
सुपरकंप्यूटर की वजह से ही संभव हो पाया है।

सुपरकंप्यूटर में कौन सा ऑपरेटिंग सिस्टम होता है?

आप यह जानकर चौंक सकते है की मैक्सिमम सुपरकंप्यूटर में बहुत सामान्य सा ऑपरेटिंग सिस्टम होता है जैसे हमारे घर के कंप्यूटर में होता है, हालंकि पहले कुछ सुपरकंप्यूटर में यूनिक्स हुआ करता था लेकिन इसे लिनक्स से बदल दिया गया है।

लिनक्स एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम है, सुपरकंप्यूटर ज्यादातर वैज्ञानिकों कि समस्या को दूर करने के लिए काम में लिया जाता है तथा उसमे अलग अलग कई सारी भाषाएं तथा अलग अलग प्रोग्राम भी होते है।

निष्कर्ष

दोस्तों मुझे पूरी उम्मीद है कि सुपरकंप्यूटर क्या होते है? सुपरकंप्यूटर का इतिहास क्या है?अब आपको बहुत अच्छे से समझ में आ गया होगा, यह टॉपिक काफी जटिल है लेकिन मैंने पूरी कोशिश कि है की आपको आसानी से समझा सकु।

अगर आपको कुछ भी समझने में परेशानी आए तो हमसे बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में सवाल पूछ सकते है, लेकिन अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई तथा इससे आज कुछ नया सीखने को मिला तो अपने दोस्तो को भी इस पोस्ट को शेयर कीजिए। अंत तक पोस्ट पढ़ने के लिए बहुत बहुत बहुत धन्यवाद।

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