Computer Virus क्या होता है ? वायरस से कैसे बचे ?

आज मैं आपको बताने वाला हूं की Computer Virus क्या होता है ? और वायरस से कैसे बचे ?, और आखिर
ये वायरस किसने बनाया था. हम आय दिन इन्टरनेट से कुछ न कुछ डाउनलोड करते रहते है लेकिन गलती से
ऐसी चीज भी डाउनलोड हो जाती है जिससे आपका फ़ोन या कंप्यूटर हैक भी हो सकता है.

दोस्तों हमारे कंप्यूटर/लैपटॉप में बहुत जरुरी डाटा होता है लेकिन अगर अचानक सब कुछ डिलीट हो जाए या फिर आपका कंप्यूटर लॉक हो जाए तो आप क्या करोगे, आप खुद समझ सकते हो इससे आपको कितनी दिक्कत हो सकती है. 

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बहुत सी ऐसी बड़ी कंपनी होती है जिनका अगर डाटा लीक
होता है या कोई चुरा लेता है तो इससे कंपनी को बहुत
नुकसान होता है, दुनिया में बहुत बड़े – बड़े हैकर दिन रात लगे रहते है की कंप्यूटर को हैक करके
पर्सनल डिटेल को कैसे चुराए.

कंप्यूटर Virus क्या होता है ?

Computer Virus क्या होता है

कंप्यूटर वायरस एक प्रकार का कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जो कंप्यूटर में install होने के बाद खुद को बड़ा करता जाता है और पूरे कंप्यूटर में फ़ैल जाता है. इसे बनाया ही इस तरह जाता है की कंप्यूटर को damage कर सके. ये कंप्यूटर से बहुत सारी details चुरा सकता है जैसे, Credit card, Bank details, Facebook और Gmail के पासवर्ड और हैकर को आपके कंप्यूटर का पूरा access दे सकता है.

ये वायरस इतने खतरनाक होते है की आपको खुद पता नही चलता कंप्यूटर में कैसे आ गया, एक बार इनस्टॉल
होने के बाद ये वायरस अपने code को जरुरत पड़ने पर modify कर सकते है एक बार Modification की
प्रोसेस ख़तम होने के बाद वायरस पूरे कंप्यूटर में फ़ैल जाता है और कंप्यूटर वायरस से infected हो जाता है.

एक बार वायरस आने के बाद ये वही तक सीमित नही रहता, ये दुसरे कंप्यूटर में भी आसानी से जा सकता है. किसी को अपने आप mail भेज देगा जिसमे वायरस की लिंक होगी जैसे ही सामने वाला उसको ओपन करेगा उसका कंप्यूटर भी वायरस से infected हो जायेगा. कंप्यूटर की सारी file को ख़राब कर देगा जिससे आपका कंप्यूटर चालू भी नही होगा.

वायरस का इतिहास ?

सन 1971 में Robert Thomas ने BBN Technologies में काम करते वक़्त इस वायरस को develop किया था वो एक कंप्यूटर इंजिनियर थे.

इस पहले Virus का नाम रखा गया “Creeper” virus, यह एक प्रकार का experimental program था
जिसे ARPANET के mainframes को infect करने के लिए बनाया गया था. अगर कंप्यूटर इस Creeper
virus से infected हो जाता था तो उसमे कुछ इस तरह का मेसेज दिखता था ” I’m the creeper :
Catch me if you can.”

लेकिन जिस wild computer वायरस को सबसे पहले track किया गया था उसका नाम “Elk Cloner” है इस Elk Cloner virus ने floppy disk के माध्यम से Apple II operating सिस्टम को infect किया था. इस virus को सन 1982 में एक teenager के द्वारा बनाया गया था जिसका नाम Richard Skrenta था.

हालाँकि ये कंप्यूटर virus सिर्फ एक prank के लिए बनाया गया था लेकिन इस वायरस ने ये साबित का दिया
था की malicious program कितने खतरनाक हो सकते है और कैसे कंप्यूटर में इनस्टॉल हो जाते है और फिर
user का control उसके कंप्यूटर से पूरी तरह से हट जाता है.

इसके ठीक एक साल बाद सन 1983 में Fred Cohen ने ही इन malicious program को “computer
virus” का नाम दिया था. ये नाम तब सामने आया जब उन्होंने अपने एक academic paper में इन
programs का नाम titled किया था “Computer viruses – Theory and Experiments.” यहां इन्होने malicious program के बारे में पूरी
जानकरी लिखी थी, कैसे काम करता है और ये क्या कर सकता है.

कंप्यूटर वायरस कितने प्रकार के होते है ?

Computer Virus क्या होता है

computer virus एक प्रकार का malware होता है जो सिस्टम में घुस जाने के बाद अपने आपको multiply करता जाता है. धीरे धीरे ये कंप्यूटर की सारी file में फ़ैल जाता है और पूरा कंप्यूटर infected हो जाता है.

कंप्यूटर virus बहुत से प्रकार के होते है ये अलग – अलग तरीके से कंप्यूटर को नुकसान पंहुचा सकते है. आपको कुछ कंप्यूटर virus के बारे में बताते है.

1. Boot Sector virus

ये Virus Master boot record को infect करता है,
इसको निकालना बहुत मुश्किल task है अक्सर इसे निकालने के लिए कंप्यूटर को format करना पड़ता है।
ये virus ज्यादातर removable media को कंप्यूटर में लगाने से आता है।

2. Direct Action Virus

इस Virus को non-resident भी कहा जाता है क्यूंकि आपको पता नहीं चलता ये सिस्टम में कब आ जाता है।
अपने आप Install हो जाता है और कंप्यूटर में hidden रहता है, ये जिस भी Specific file को infect करता है यह virus उसी के साथ attach होकर रहता है।

3. Resident Virus

Direct Action Virus की तरह ही Resident Virus भी कंप्यूटर में install हो जाता है, इसे identify करना बेहद मुश्किल है और इसको निकालना भी बहुत मुश्किल काम है।

4. Multipartite Virus

ये virus बहुत प्रकार से कंप्यूटर में आ सकता है ये boot sector और executable files दोनों को एक साथ infect kar सकता है।

5. Polymorphic Virus

इस Virus को identify करना बेहद मुश्किल है किसी भी traditional antivirus के लिए, ये इसलिए क्यूंकि ये virus अपने signature pattern को बार बार बदलता रहता है जब भी सिस्टम में replicate होता है।

6. Overwrite Virus

जिस disk में ये virus होता है वहां से सारी फाइल को डिलीट कर देता है, इसे निकालने का एक ही तरीका है कि पूरी disk को या जिस फोल्डर में ये virus हैं उसको डिलीट कर दो लेकिन इससे जो भी डेटा उन फाइल में है सब डिलीट हो जाएगा, सिस्टम के लिए इस वायरस को identify करना बहुत मुश्किल है क्यूंकि ये Emails के द्वारा आपके कंप्यूटर तक आता है।

7. Spacefiller virus

इस virus को “Cavity Virus” भी कहा जाता है, कंप्यूटर में इंस्टॉल होने के बाद ये फाइल, सिस्टम के code की खाली Space में घुस जाते है। लेकिन ये किसी भी प्रकार का कोई Damage computer या उस फाइल को नहीं पहुंचते।

8. File infectors

कुछ फाइल infector viruses प्रोग्राम फाइल के साथ ही attach होकर आते है जैसे कि .com, .exe file कुछ
file infector viruses .sys, .ovl, .prg, and .mnu वाले files को भी infect करते हैं.

जैसे ही कोई प्रोग्राम आप लोड करते हो ये वायरस भी उसी के साथ hidden होकर load होने लगते है,
और Email के द्वारा कंप्यूटर तक आ जाते है।

9. Macro viruses

जैसा इसका नाम है ये उसी तरह काम करता है, ये macro language को टारगेट करता है और उसके जैसा Code लेकर सिस्टम में install हो जाता है, जैसे कि Microsoft Word.

इस virus को इस तरह से बनाया गया है कि original Macro Program में उसके जैसे है code add kar सके इससे सिस्टम समझ नहीं पाता है कि कोई attack हुआ भी है।

10. Overwrite Viruses

इस virus ka design ही प्रकार किया गया है कि ये खुद को Overwrite करने लगता है और किसी भी फाइल या फोल्डर में इंस्टॉल होकर उसको destroy करने लगता है।
इसकी खासियत ये है कि अटैक स्टार्ट होने के बाद ये खुद के code ko Overwrite करता है।

11. Polymorphic Viruses

ज्यादा से ज्यादा cybercriminal इस Polymorphic Viruses पर depend होते जा रहे है, क्यूंकि ये
जरूरत पड़ने पर अपने function और feature को खोए बिना अपने code को भी बदलने में expert है। जिससे Antivirus इसे detect नहीं कर पाते है।

कोई भी antivirus किसी भी virus के signature से उसे पकड़ता है जब भी कोई antivirus इसको detect करता है, ये virus बहुत smartly अपने Signature को बदल देता है, जिससे ये उसके पकड़ में नहीं आता।

12. Resident Viruses

ये virus खुद को computer के memory में implant कर देता है. Basically, infection के लिए original virus program की कोई जरुरत ही नहीं होती है किसी files या program को infect करने के लिए. अगर कभी original virus को delete भी कर देते हैं तब भी इसका एक version memory में store हुआ होता है जो की खुद्बद्खुद activate हो जाता है.

ऐसा तब होता है जब computer OS कुछ applications या functions को load करते हैं. चूँकि
ये system के RAM में hidden होता है इसलिए इसे अक्सर कोई भी antivirus या antimalware detect नहीं कर पाते हैं.

13. Rootkit Viruses

ये rootkit virus एक प्रकार का malware type होता है जो की secretly एक illegal rootkit को
install कर देता है infected system में. इससे ये एक दरवाजा खोल देता है attackers के लिए जो की उन्हें
system के ऊपर full control प्रदान करते हैं.

इससे attacker बड़ी आसानी से fundamentally किसी program या function को modify या
disable कर सकते हैं. ये rootkit virus बड़े आसानी से antivirus software को bypass कर सकते हैं.
इन्हें पकड़ने के लिए Rootkit scanner की जरुरत होती है.

सबसे खतरनाक कंप्यूटर वायरस कौन से है ?

अब आपको बताते है की इन्टरनेट पर अभी तक के सबसे खतरनाक virus कौन से है.

1. ILoveYou

Computer Virus क्या होता है

इस virus को 2 Filipins Programmers ने बनाया था, ILoveYou virus अभी तक का सबसे खतरनाक virus है ये पूरी दुनिया के बड़े बड़े कंप्यूटर में फ़ैल गया था और इससे दुनिया को 10 बिलियन डोलर का नुकसान हुआ था. situation को सँभालने के लिए बहुत सारे देश की government offline हो गई थी ताकि इस वायरस से निपट सके.

2. Code Red

Computer Virus क्या होता है

कंप्यूटर में virus protection install होने के बावजूद भी Code Red virus ने Mircrosoft IIS server के कंप्यूटर को corrupt कर दिया था. जिससे हैकर को इनके server का backdoor access मिल गया था. यह attack 2 million server पर हुआ जिसकी वजह से लाखो डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा.

3. Melissa

Computer Virus क्या होता है

यह वायरस सन 1999 में बना था, यह एक word document computer virus था जो porn वेबसाइट से user के पासवर्ड चुराता था.
जैसे की user कोई porn वेबसाइट से file डाउनलोड करते थे ये उसमे hidden होकर डाउनलोड हो जाता था और फिर कंप्यूटर से अपने आप लोगो को ईमेल जाने लगते, इसकी वजह से प्राइवेट और government server को काफी नुकसान हुआ.

4. MyDoom

यह वायरस किसने बने उसकी कोई जानकारी नही है, लेकिन वायरस बाकी के virus से कहीं ज्यादा तेज़ी से फैलता है, anti-virus इसको detect करने में फ़ैल हो गये थे, ये virus कंप्यूटर और नेटवर्क को पूरी तरह block कर देता है जिससे unauthorized access हैकर को मिल जाता है. ये दुनिया के million कंप्यूटर में फ़ैल था और इसके damage की भरपाई करने के लिए सरकारों को 38 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़े थे.

वायरस कंप्यूटर में कैसे आता है ?

कंप्यूटर में virus बहुत तरह से आ सकता है इसकी सबसे बड़ी वजह से है की हम इन्टरनेट से कुछ भी डाउनलोड करते रहते है, और कभी कभी छोटी सी गलती की वजह से बहुत बड़ा नुकसान हो जाता है. बहुत लोग crack और mod apk सर्च करते है जैसे ही डाउनलोड के बटन पर क्लिक करते है अपने आप कुछ malicius app डाउनलोड हो जाते है या आपको बहुत गंदे गंदे ad और फोटो दिखाई जाती है.

और आपसे कहा जाता है की इस Hot लड़की से मिलने के
लिए क्लिक करे और बहुत लोग बिना सोचे समझे क्लिक कर देते है लेकिन इसके बाद नया पेज खुल जाता है और
आपके बिना परमिशन के कुछ virus वाली file डाउनलोड होने लगती है इसके बाद पूरे कंप्यूटर के डाटा को
ख़राब कर देती है.

इसकी सबसे बड़ी वजह है porn वेबसाइट क्यूंकि वो साईट सुरक्षित नही होती और उसमे लाखो का ट्रैफिक
आता है जिससे हैकर उसमे malicius file add कर देते है या फिर आप खुद डाउनलोड कर देते हो.

ईमेल से भी बहुत बड़ी मात्रा में ऐसे virus कंप्यूटर तक आ
जाते है, गूगल अपने फ़िल्टर की मदद से ऐसे ईमेल को आप तक पहुचने ही नही देता.

वायरस का पता कैसे लगाये ?

अब मैं आपको बताने वाला हु की अपने computer/laptop में किसी भी virus का पता कैसे लगाये, और कंप्यूटर में जरुरी काम करते है उन्हें ये जानकारी होनी चाहिए.

1. Slower system performance का होना
2. Screen में बार बार Pop-ups का आना
3. Programs का खुदबखुद चलना
4. Files का अपने आप multiplying/duplicating होना
5. नए files और programs का अपने आप computer में install हो जाना
6. Files, folders या programs का अपने आप delete और corrupt हो जाना
7. Hard drive से अजीब सा sound आना

अगर आपके system में ऐसे warnings दिखाए तब आपको जान लेना चाहिए की आपका system virus के द्वारा infect हो सकते हैं. इसलिए जल्द ही एक अच्छा सा antivirus software download कर scan कर लें.

कंप्यूटर वायरस कैसे हटाये ?

अगर आपको ऐसा लगा रहा है की मेरे कंप्यूटर में वायरस आ गया है तो उसमे इन्टरनेट connection बंद कर दें ताकि वह वायरस दुसरें लोगो तक न जा सके, फिर उसमे कोई भी removable मेमोरी न लगाये. वायरस हटाने का सबसे अच्छा तरीका ये है की अपने anti-virus को समय पर अपडेट करते रहिये.

1. अपने कंप्यूटर में safe mode को on करो, ये पूरी प्रोसेस डिपेंड करती है आपके पास कौन सा version है windows का.
2. कंप्यूटर की temporary file डिलीट करो safe mode on करने से पहले, इसके लिए आप disk cleanup tool का इस्तेमाल कर सकते है.
3. अपने कंप्यूटर में on-demand और real time virus scanner डाउनलोड करो
4. real time virus scanner को run करो ये आपको बता देगा की सिस्टम में कितने वायरस में और अपने आप remove भी कर देगा, अगर कोई virus नही बता रहा है तो manual करना पड़ेगा इसके लिए आपको कंप्यूटर expert या शॉप में जाना होगा क्यूंकि उन्हें पता होता है की program को कैसे देखना और डिलीट करना है.
5. जिस file या फोल्डर में virus थे उसे फिर से reinstall करो.

वायरस से कैसे बचे ?

1. अपने कंप्यूटर में latest antivirus और antispyware को इनस्टॉल करें और उसको टाइम से अपडेट करते रहे.
2. antivirus से रोज अपने कंप्यूटर की file को scan करें
3. autorun आप्शन अपने कंप्यूटर से बंद कर दे ताकि बिना परमिशन के कोई भी सॉफ्टवेर इनस्टॉल न हो सके.
4. किसी भी ईमेल में आने वाली लिंक को click न करे जब तक आपको न लगे की ये सुरक्षित है.
5. किसी भी unauthorized वेबसाइट से या ईमेल से कुछ भी file या सॉफ्टवेर डाउनलोड न करें.
6. hardware based firewall को install करे.

निष्कर्ष

Computer Virus क्या होता है ?

मुझे पूरी उम्मीद है की आपको ये पोस्ट computer virus क्या होता है ? इससे कैसे बच सकते है ? जरुर पसंद आई होगी, हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते है की पूरी जानकारी एक ही पोस्ट में दे सके ताकि आपको इन्टरनेट में कहीं भी और जाने की जरूरत न पड़े जिससे आपका समय बच सके.

इससे आपको सभी जानकारी एक ही जगह मिल जाती है और पढने में आसानी होती है, अगर आपको इस पोस्ट में कुछ समझ नही आया तो आप बेझिझक हमसे पूछ सकते है. या फिर आप चाहते है की इस पोस्ट में या वेबसाइट में कुछ सुधार होना चाहिए तो आप निचे कमेंट्स बॉक्स में हमें अपने सुझाव भी दे सकते है.

यही आपको इस पोस्ट computer virus क्या होता है से कुछ सीखने को मिला तो अपने दोस्तों को भी भेजिए ताकि उन्हें भी जानने का मौका मिले. अंत तक पोस्ट पढने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद…

 

 

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