कंप्यूटर माउस क्या है? कंप्यूटर माउस के कितने प्रकार के होते है?

कंप्यूटर माउस क्या है तथा इसके कंप्यूटर माउस के कितने प्रकार के होते है यह ऐसा टॉपिक है
जिसके बारे में आपको अवश्य रूप से पता ही होना चाहिए, माउस को तो लगभग सभी कंप्यूटर चलाने वाले जानते है लेकिन यह कैसे काम करता है तथा इसका इतिहास क्या है यह बेहद कम लोग जानते है।

माउस कंप्यूटर का एक बेहद जरूरी हार्डवेयर कंपोनेंट होता है इसी के वजह से हम किसी भी
टास्क को ओपन तथा क्लॉज आसानी से कर सकते है हालंकि कुछ लोग ऐसे भी होते है जो कीबोर्ड से
ही कंप्यूटर को ऑपरेट कर सकते है।

इसलिए आज आपको माउस कि बेसिक जानकारी होनी ही चाहिए क्यूंकि आज कल तरह तरह के
माउस उपलब्ध है पहले के माउस में सिर्फ 3 बटन हुआ करते थे लेकिन अब 5-6 बटन भी माउस में
आते है जो अलग अलग काम करते है आज हम सबके बारे में विस्तार से आपको बताएंगे।

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कंप्यूटर माउस क्या है?

कंप्यूटर का माउस हाथ से पकड़ कर चलाने वाला इनपुट हार्डवेयर है जो कर्सर को कंट्रोल करता है यह कंप्यूटर में कहीं भी आसानी से मूव हो सकता है तथा किसी भी फाइल, टेक्स्ट, आइकन को सेलेक्ट करके ओपन करने के काम आता है।

डेस्कटॉप कंप्यूटर में माउस को कंप्यूटर के सामने किसी पैड पर रखा जाता है जिससे उसके नीचे लगा व्हीलर सही से वर्क करें लेकिन लैपटॉप में ऐसा कोई पैड नहीं होता है उसमें एक छोटा सा माउस लग कर आता है जिसमे साइड में लेफ्ट और राइट बटन भी दिया जाता है।

यह भी नॉर्मल कंप्यूटर कि तरह ही काम करता है हालंकि यह उतना फास्ट नहीं होता लेकिन इसमें भी सारे फीचर होते है।

कंप्यूटर माउस का इतिहास क्या है?

सबसे पहला कंप्यूटर माउस सन 1964 में डग्लास एंगेलबर्ट के द्वारा बनाया गया था यह एक लकड़ी के
बॉक्स के बना था जिसमे नीचे 2 मेटल के व्हील्स लगे थे जो सर्फेस से कॉन्टेक्ट बनाकर काम करता
था और इसमें सिर्फ एक ही बटन होता था।

इसके 8 साल बाद सन 1972 में बिल इंगलिश ने माउस बनाया जिसमे मेटल के व्हील्स न इस्तेमाल
करके एक बॉल का उपयोग किया गया जो किसी भी दिशा में आसानी से मुड़ने में मदद करती थी।

इसके बाद 1981 में स्टीवन कर्च ने ऑप्टिक्स मॉडल का माउस इवेंट किया इस माउस कि खास
बात थी कि इसमें बॉल का इस्तेमाल नहीं किया उसकी जगह पर एक लाइट का उपयोग किया गया
को इसकी हर मूवमेंट को ट्रेस करती थी।

कुछ सालो बाद फिर से कंप्यूटर माउस में व्हील्स का इस्तेमाल शुरू हो गया हालंकि 1999 में
माइक्रोसॉफ्ट ने अपना एल ई डी डिजाइन माउस मार्केट में लॉन्च किया इसके बाद सन 2000 में
ऐपल ने अपना खुद का माउस लॉन्च किया।

जिसमे ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक तथा अलग अलग फीचर दिए गए जिसके बाद से माउस कि डिज़ाइन हमेशा
के लिए बदल गई, शुरुवात में ऐपल वायर माउस ही देता था जिससे ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड न हो और
इसका नाम रखा गया आईमैक।

फिर अलग अलग कंपनियों के द्वारा अलग अलग माउस बनाने की होड़ मच गई और अब आप खुद
देखते होंगे कि अलग अलग माउस मार्केट में आसानी से मिल जाते है और अब तो वायरलेस
माउस भी मार्केट में उपलब्ध है।

माउस कितने प्रकार के होते है?

डेस्कटॉप कंप्यूटर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला माउस ऑप्टिकल माउस होता है जिसे हम यूएसबी माउस भी कहते है यह माउस यूएसबी पोर्ट की मदद से कंप्यूटर में बड़े ही आसानी से कनेक्ट हो जाता है।

नीचे हमने ऐसे माउस सभी माउस बताए है को इस्तेमाल होते है बता दें कि लैपटॉप में जो माउस में लिया जाता है उसे टचपैड कहते है इसमें भी नीचे कि तरफ 2 बटन मिल जाते है।

1. कॉर्डलेस (वायरलेस)
2. फुटमाउस
3. इंटेलिमाउस (व्हील्स माउस)
4. जे- माउस
5. जोयस्टिक
6. मैकेनिकल
7. ट्रैकबॉल
8. ट्रेकपॉइंट

यह सारे माउस है जो अभी इंस्टेमाल में लिए जाते है लेकिन सबसे ज्यादा प्रचित यूएसबी माउस होता है जिसे ऑप्टिकल माउस भी कहा जाता है।

माउस कैसे काम करता है?

ऑप्टिकल माउस का काम करने का तरीका सबसे अलग होता है उसमे नीचे कि तरफ एक रेड लाइट लगी होती है जो माउस के हर मूवमेंट को कैप्चर यानी ट्रेस करती है और उसको सीधा कर्सर कि मदद से कंप्यूटर कि स्क्रीन पर दिखाती है।

रेड लाइट के पास ही फोटोसेल लाइट डिटेक्टर लगा होता है जो आपके हाथ के साथ मूवमेंट को बड़े अच्छे तरीके से समझ कर बहुत फास्ट रिस्पॉन्ड करता है। जैसे ही आप माउस को अपने हाथ से मूव करते हो नीचे लगी लाइट इस पैटर्न को समझने कि कोशिश करने लगती है तथा यह पता लगती है कि आपने अपना हाथ किस दिशा में घुमाया है।

और इसके बाद कर्सर आपको स्क्रीन पर दिखने लगता है, कुछ माउस में 2 लाइट दी जाती है एक तो नीचे कि तरफ हाथ का मूवमेंट समझने के किए और दूसरा व्हीलर पर जिससे यह पता चल जाता है कि व्हीलर कितनी तेजी से उपर नीचे हो रहा है।

व्हीलर वही कंपोनेंट है जिससे आप किसी भी पेज को स्क्रॉल करके उपर नीचे देख सकते हो उसे है व्हीलर कहते है इससे काफी तेजी से काम होने लगता है।

माउस का काम क्या होता है?

इसके बहुत सारे काम होते है कैसे हमारे द्वारा दिए गए निर्देश को स्क्रीन पर दिखाना तथा उसको बहुत तेज़ी से एक्जिक्यूट करना और माउस के कर्सर को स्क्रीन पर दिखाना यह इसका प्राइमरी काम होता है,

अगर आपने किसी आइकन को सेलेक्ट किया है तो उस प्रोग्राम को क्लिक करना तथा उसे ओपन करना माउस का ही काम होता है, एक समय में एक से ज्यादा फाइल को आप माउस कि मदद से सेलेक्ट कर सकते है।

फोन में माउस कैसे इस्तेमाल करें?

आजकल के फोन, लैपटॉप सब टच स्क्रीन के साथ आते है और उनकी स्क्रीन खुद में ही एक माउस है जिसमे हम कहीं भी क्लिक करके कोई भी काम कर सकते है। हालंकि इसके बावजूद आगे आप मोबाइल में माउस को इस्तेमाल करना चाहते है तो यह बेहद आसान है।

बस आपको मार्केट से एक ओटीजी केबल लेना है इसके बाद उस केबल को अपने फोन में लगाकर माउस को ओटीजी केबल में लगा देना है बस, अगर कनेक्ट नहीं होता तो फोन कि सैटिंग के जाकर ओटीजी ऑप्शन को ओन करना न भूलें।

ओटीजी केबल क्या है और ओटीजी कितने प्रकार कि होती है?

इसके बाद आप देखेंगे कि माउस आपके फोन के साथ बड़ी ही आसानी से कनेक्ट हो जाता है फिर इससे आप कुछ भी काम कर सकते हो।

निष्कर्ष

दोस्तो मुझे लगता है अब आपको समझ आ गया होगा की कंप्यूटर माउस क्या है? कंप्यूटर माउस के कितने प्रकार के होते है? मुझे आशा है आज इस पोस्ट के माध्यम से आपको बहुत अच्छी जानकारी सीखने को मिली है।

इसलिए हम हमेशा यही कोशिश करते है कि ऐसी जानकारी आपको दें जो आपको हमेशा काम आए इसलिए आप भी इस पोस्ट को अपने दोस्तो में जरूर भेजिए, अतः अंत तक पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

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