राउटर क्या होता है? राउटर कैसे काम करता है?

आप चाहे स्टूडेंट हो या कुछ काम करते हो आज इंटरनेट कि सुविधा सबके लिए उपलब्ध है तथा यह
बहुत जरूरी भी हो गया है और ऐसे में राउटर क्या होता है यह आपको पता होना बेहद जरूरी हो
जाता है, इंटरनेट को हम हमेशा और हर जगह पाना चाहते है।

इंटरनेट इतना जरूरी हो गया है कि बिना इसके हम फ्यूचर कि कल्पना भी नहीं कर सकते हलांकि पहले
ऐसा नहीं हुआ करता था लेकिन धीरे धीरे समय बदलता गया तथा अब इंटरेनट कई झेत्रो में हमारी मदद करता है।

आजकल हर किसी के पास कंप्यूटर उपलब्ध होता ही है और इसके साथ ही इंटरेनट कंप्यूटर तक
पहुंचने के कई सारे रास्ते भी आ गए है उसी में सबसे अच्छा तरीका है राउटर, आज के समय में यह
डिवाइस इतना जरूरी हो गया है कि बिना इसके एक से अधिक कंप्यूटर एक साथ जोड़ ही नहीं सकते।

इसलिए राउटर क्या है तथा राउटर किस तरह काम करता है इस पोस्ट में हम यही बताने वाले है
मुझे पूरी उम्मीद है आज का यह आर्टिकल आपको जरूर कुछ नया सिखाएगा।

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राउटर क्या होता है?

राउटर एक ऐसा डिवाइस है जिसकी मदद से एक से
ज्यादा कंप्यूटर को आपस में कनेक्ट किया जा सकता है जैसे अगर आपके पास कई सारे कंप्यूटर
है तथा सभी में इंटरनेट और फाइल शेयर करना चाहते है तो यह काम राउटर से ही संभव है।

मार्केट में बहुत तरह के राउटर उपलब्ध है लेकिन एक सही और बेहतर राउटर आपको बहुत अच्छी
इंटरनेट स्पीड दे सकता है इसके ही साथ इंटरनेट कि स्पीड को कॉन्स्टेंट रखता है जिससे आपको हमेशा एक जैसी स्पीड मिलती है।

राउटर कैसे काम करता है?

आपके घर मे जितने भी डिवाइस होते है कंप्यूटर, फोन, लैपटॉप, प्रिंटर, स्मार्ट टीवी यह सभी के साथ बड़ी आसानी से कनेक्ट होकर सभी में एक जैसा ही
इंटरनेट देता है। आपको बता दें कि राउटर अकेला इंटरेनट प्रोवाइड नहीं करवा सकता।

इसके लिए पहले आपको एक मॉडम लगाना होगा फिर मॉडम से राउटर को कनैक्ट करना होगा इसके
बाद आप राउटर से कई सारे नेटवर्क को जोड़ सकते हो, राउटर खुद इंटरनेट नहीं दे सकता, राउटर
सिर्फ इसलिए बनाया गया की एक ही नेटवर्क में कई सारे कंप्यूटर को जोड़ा जा सके।

सबसे पहले मॉडम कनेक्ट करते है फिर राउटर को उसमे कनेक्ट करते है इसके बाद राउटर को बाकी
सारे नेटवर्क से जोड़ते है, तो यहां मॉडम से आने वाले नेटवर्क को राउटर अपने पास रख लेता है तथा
उसको डिजिटल में कन्वर्ट करके जितने भी नेटवर्क उससे जुड़े है उनमें वह इंफॉर्मेशन भेजना स्टार्ट कर देता है।

आपके मन मे सवाल रहा होगा कि यह काम तो मॉडम भी बखूबी कर सकता है फिर राउटर क्यों लगाते है, आपको बता दें कि मॉडम कंप्यूटर से निकलने वाले डिजिटल सिग्नल को एनालॉग में बदल कर और सिर्फ एक ही कंप्यूटर में इंटरनेट कि सेवा देता है लेकिन राउटर एक समय पर कई सारे नेटवर्क से आसानी से जुड़ सकता है।

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मॉडम राउटर से अलग कैसे होता है?

अगर मैं आपसे पूछूं कि आपके पास इंटरनेट कैसे पहुचता है तो आपका जवाब होगा सिम कि माध्यम से जिसमे सेल्यूलर नेटवर्क होता है ठीक इसी तरह कंप्यूटर में इंटरनेट पहुंचने के लिए मॉडम का सहारा लिया जाता है।

मॉडम का काम इतना है कि आपके इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से इंटरेनट आपके घर तक पहुंचना और यह सारा काम एनालॉग सिग्नल से किया जाता है। इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर केबल को आपके घर तक बिछा देते है और मॉडम से कनेक्ट कर देते है यह केबल सिर्फ एनालॉग सिग्नल को समझते है।

इसलिए मॉडम को लगाया जाता है ताकि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर जो इंटरनेट देते है वह केबल कि
मदद से आपके मॉडम तक पहुंच जाते है इसके बाद मॉडम उन्हे डिजिटल में बदल कर कंप्यूटर में देता है
जिससे कंप्यूटर में इंटरनेट चल पाता है।

मॉडम राउटर से इसलिए अलग है कि राउटर मॉडम के बिना कुछ नहीं कर सकता, बिना मॉडम के राउटर सभी कंप्यूटर को एक साथ जोड़ तो सकता है लेकिन इंटरनेट नहीं दे सकता इसलिए पहले मॉडम को लगाया जाता है ताकि इंटरनेट राउटर में जाकर सभी कंप्यूटर तक पहुंच सके।

राउटर कितने प्रकार के होते है?

हालांकि मॉडम में इतने ज्यादा प्रकार नहीं होते लेकिन आज कल राउटर कई सारे अलग अलग
प्रकार के देखने को मिलते है जैसे वायरलेस, वायर राउटर आदि, तो चलिए अब जान लेते है राउटर कितने प्रकार के होते है?

1. वायर राउटर

वायर वाले राउटर को डायरेक्टली किसी भी डिवाइस में कनेक्ट किया जा सकता है इसमें एक
इथरनेट पोर्ट होता है जिसे पहले सबसे मॉडम से कनेक्ट किया जाता है इसके बाद जिस भी डिवाइस
में इंटरनेट कि सेवा चाहिए उस कंप्यूटर को इथरनेट केबल कि मदद से राउटर में जोड़ दिया जाता है।

बस इतना ही करना होता है इसके बाद राउटर से जितने भी डिवाइस जुड़े होंगे सभी में एक जैसा
इंटरनेट पहुंचना शुरू हो जाएगा।

2. वायरलेस राउटर

वायरलेस राउटर को सबसे पहले डायरेक्टली मॉडम से जोड़ दिया जाता है इसके बाद राउटर एक वाईफाई कनेक्शन बना लेता है जिससे डाटा आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसमिट होता शुरू हो जाता है।

जैसे हम अपने फोन को वाईफाई से जोड़ते है ठीक उसी तरह इसमें जुड़ने के लिए आपको वाईफाई को
चालू करना है और इसके बाद कनेक्ट होकर आप इंटरनेट का मजा उठा पाएंगे। आजकल वायरलेस
राउटर ही लोग ज्यादा पसंद करते है क्यूंकि इसमें राउटर एक नेटवर्क बना लेता है,

और बस हमे उसमे उड़ना होता है इसके वायर का झंझट नहीं होता बस इसे मॉडम से कनेक्ट करो और राउटर काम करने के किए तैयार हो जाता है।

निष्कर्ष

दोस्तो अब मुझे उम्मीद है कि राउटर क्या होता है और राउटर कैसे काम करता है यह आपको काफी अच्छे से समझ में आ गया होगा, भले ही यह टॉपिक छोटा हो लेकिन आज के समय में अगर आप इंटरनेट चलाते है तो यह आपको जरूर पता होना चाहिए।

उम्मीद है इस पोस्ट को पढ़कर आप समझ गए होंगे कि आपको राउटर लगाना है या मॉडम, चलिए मैं
आपको बताता है कि आपको राउटर लगाना चाहिए या मॉडम।

अगर आपके पास एक कंप्यूटर है तो मॉडम तथा एक से ज्यादा कंप्यूटर है तो राउटर, उम्मीद है अब यह दिक्कत नहीं दूर हो गई होगी, यह पोस्ट अपने सभी दोस्तो को भेज सकते है क्यूंकि इंटरनेट के बारे में सभी को जरूर पता होना चाहिए। इसके ही साथ आप हमसे सोशल मीडिया पर भी कनेक्ट हो सकते हो।

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