कीबोर्ड क्या होता है और कीबोर्ड कितने प्रकार के होते है?

कीबोर्ड क्या होता है यह विषय सुनते ही हमारे दिमाग में कंप्यूटर आने लगता है, और कंप्यूटर में
भी अलग अलग तरह से कीबोर्ड होते है जिनका अलग नाम होता है किसी में एक्स्ट्रा बटन होते है तो
किसी का डिज़ाइन अलग होता है।

हालांकि कीबोर्ड जैसा अभी दिखता है वास्तव में वैसे कभी नहीं हुआ करते थे कीबोर्ड को एक तरह
से टाइपराइटर भी कहा जा सकता है हालंकि यह एक डिजिटल डिवाइस है लेकिन इसका काम भी
कुछ हद तक उसके बराबर ही है।

लैपटॉप और कंप्यूटर के कीबोर्ड में बहुत अंतर होता है क्यूंकि लैपटॉप के कीबोर्ड काफी पतले
होते है और उनमें बटरफ्लाई मैकेनिज्म को इस्तेमाल किया जाता है ताकि बटन पतले होने के
साथ जल्दी प्रोसेस हो सके जिससे लैपटॉप और भी ज्यादा पतला हो सके, एप्पल के जो भी लेटेस्ट लैपटॉप आते है उनमे मैजिक कीबोर्ड का इस्तेमाल होता है?

ई सिम क्या है? ई सिम को सेट कैसे करें?

कीबोर्ड क्या होता है?

यह किसी भी कंप्यूटर का एक बहुत जरूरी इनपुट डिवाइस होता है यह इलेक्ट्रिक टाइपराइटर की तरह ही सिमिलर होता है। कीबोर्ड में नंबर, लेटर, सिम्बोल आदि बटन दिए जाते है और इसके साथ ही इसमें फंक्शन की भी दी जाती है जिससे रिफ्रेश तथा प्रिंट जैसे तरह तरह के शॉर्टकट होते है।

कीबोर्ड बहुत प्रकार के होते है जैसे साइटेक कीबोर्ड जिसमे 104 की होती है इसमें कंट्रोल की, फंक्शन
की, अरो की, तथा कीपैड आदि होता था, इसके ही साथ इसके एक राइस्ट पैड भी होता था।

कीबोर्ड का इतिहास क्या है?

सबसे पहले डायेक्ल्टी कीबोर्ड का आविष्कार नहीं हुआ था पहले टाइपराइटर और टेलीप्रिंटर कैसे डिवाइस का निर्माण किया गया था फिर इनकी मदद से आज मॉडर्न कीबोर्ड बन सके। सन 1700 और 1800 में बहुत सारे टाइपिंग मशीन का निर्माण हो रहा था। सबसे पहला टाइपराइटर या कहें तो
टाइप – राइटर” शब्द सन 1868 में आया था जिसे क्रिस टोफर शोल ने बनाया था।

उन्ही कुछ वर्षो में कीबोर्ड को कवर्टी ले आउट मिला जो आज लगभग सभी कीबोर्ड में इस्तेमाल किया जाता है। इसके बहुत सालों तक टाइपराइटर में ही बहुत सारे बदलाव आए जिससे कहीं न कहीं मॉडर्न कीबोर्ड को बनाने में एक दिशा मिली। सन 1964 में वीडीटी कीबोर्ड का आविष्कार हुआ जो हमारे द्वारा प्रेस किए गए बटन को स्क्रीन पर दिखाता था।

1970 से पहले जितने भी कीबोर्ड आते थे वह बहुत हैवी हुआ करते थे जिसे मैकेनिकल कीबोर्ड कहा
जाता था यह किसी टाइपराइटर की तरह भारी हुआ करते थे। इसके बाद सन 1981 में आईबीएम ने
मॉडल एफ कीबोर्ड निकला जो कंप्यूटर के साथ ही दिया जाने लगा।

इसके बाद 1986 में मॉडल एम कीबोर्ड निकाला गया जिसमे आज कि तरह कुछ फंक्शन की भी
होती थी तथा इनमें 101 बटन होते थे हालांकि विंडोज़ के लिए अलग से कीबोर्ड आते थे जिनमे 104 बटन दिए जाते थे।

आईबीएम ने अपने कीबोर्ड में काफी बदलाव किए जैसे इसे मैकेनिकल से मैंब्रेन कीबोर्ड बनाया गया
जो वजन में हल्के होते है, मैंब्रेन कीबोर्ड कि मदद से ही आज के मॉडर्न कीबोर्ड इतना सही और हल्के
बन सके। और अब तो तरह तरह के कीबोर्ड आते है हर डिज़ाइन के कीबोर्ड आसानी से उपलब्ध हो जाते है।

कीबोर्ड कितने प्रकार के होते है?

देखिए आज लगभग जितने भी कीबोर्ड आते है वह एक दूसरे से समान होते है हालांकि कुछ कीबोर्ड बहुत एडवांस होते है जिनमे काफी एक्स्ट्रा बटन दिए जाते है यह कीबोर्ड स्पेशली जो गेम खेलते है उन्हे लिए काम आते है।

कुछ कीबोर्ड “मैकेनिकल” होते है तो कुछ “मेंब्रेन” होते है कुछ कीबोर्ड में नंबर वाला पैड नीचे से स्टार्ट
होते है तो किसी कीबोर्ड में उपर से स्टेट होते है और किसी कीबोर्ड में कवार्टी ले आउट होता है तो
किसी में डवोरक ले आउट होता है।

बहुत से कीबोर्ड में फंक्शन की भी होती है और किसी किसी में नहीं होती अगर सबसे एडवांस
कीबोर्ड कि बात करें तो ऐपल का मैजिक कीबोर्ड है जो टच को भी सपोर्ट करता है।

कंप्यूटर कीबोर्ड क्या कर सकते है?

पहले कुछ समय में कंप्यूटर कीबोर्ड सिर्फ नॉर्मल टाइपिंग के काम ही आते थे लेकिन अब इससे अलग अलग तरह के काम हो सकते है जैसे विशेष प्रकार की कमांड देना हो या प्रोग्रामिंग करना हो। आगे हमने बताया है कि कीबोर्ड और क्या कर सकते है।

1. कीबोर्ड से आप कमांड दे सकते हो।
2. कीबोर्ड में विशेष प्रकार के शॉर्टकट बटन दिए जाते है जिससे कोई भी काम काफी जल्दी हो जाता है।
3. इसके फंक्शन की दी जाती है जो अलग अलग ब्राउज़र में बेहद काम आते है जैसे रिफ्रेश करने के लिए।
4. मॉडर्न कीबोर्ड में आप कीबोर्ड से ही स्पीकर का वॉल्यूम डाउन और उप कर सकते हो।
5. इसमें नंबर पैड भी होता है जिससे कैलकुलेशन कर सकते है।

लैपटॉप कीबोर्ड

लैपटॉप के कीबोर्ड डेस्कटॉप कंप्यूटर के कीबोर्ड से काफी अलग होते है हालंकि इसका ले आउट कुछ
हद तक सेम होता है लेकिन इनका अरेंजमेंट थोड़ा अलग होता है। लैपटॉप के कीबोर्ड आकार में छोटे
होते है तथा थोड़े पास में लगाए जाते है ताकि फंक्शन की को भी उसी के लगाया जा सके।

डेस्कटॉप के मुकाबले लैपटॉप के कीबोर्ड में ज्यादा शॉर्टकट दिए जाते है जैसे ब्राइटनेस तेज़ करना हो
या बढ़ाना हो, किसी – किसी लैपटॉप में एरो की में ही ब्राइटनेस का ऑप्शन दिया जाता है लेकिन
किसी में अलग से दिया है यह कंपनी पर निर्भर करता है कि उसके शॉर्टकट कितने और कहां कहां
होने चाहिए।

मोबाइल कीबोर्ड ?

आज के स्मार्टफोन में भी कीबोर्ड पूरी तरह से बदल चुके है मोबाइल फोन में पहले भी कीबोर्ड आते थे लेकिन वह फिजिकल कीबोर्ड होते थे जिन्हे हम छु सकते थे लेकिन अब मोबाइल में को कीबोर्ड देखने को मिलते है उन्हे हम थंब कीबोर्ड कहते है क्यूंकि यह फिजिकल कीबोर्ड नहीं होते।

फोन के कीबोर्ड लगभग सभी एक जैसे ही होते है तथा इसमें हम अपनी मर्जी से कोई भी कीबोर्ड डाल सकते है, इसमें अलग अलग तरह के सिम्बोल भी दिए जाते है।

निष्कर्ष

दोस्तो अब मुझे लगता है कि कीबोर्ड क्या होता है और कीबोर्ड कितने प्रकार के होते है? अब यह आपको अच्छे से समझ आ गया होगा, यह इतना टेक्निकल विषय नहीं था लेकिन हमने सोचा इसके बारे में आपको पता होना चाहिए।

अगर इस पोस्ट में कुछ भी समझ नहीं आया हो तो आप हमें कॉमेंट बॉक्स में लिखकर बता सकते है हम पूरी कोशिश करेंगे कि आपको उसका सही उत्तर जल्द से जल्द दें सके। बाकी अंत तक पोस्ट पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

Hello friends, I am "Rahul" Author & Founder of TechySeizer.in. If I Talking about my education I am in BSC 3rd year. I love knowing things related to technology and teaching others. Just keep supporting our content, we will keep giving you new information :)