सुष्मिता ने बेटियों संग तस्वीर पोस्ट कर लिखा- मैं खुश हूं, ना शादी हुई ना सगाई, प्यार से घिरी हुई हैं।

अब बहुत हो चुकी सफाई, काम और जिंदगी में वापस लौटते हैं।

सुष्मिता के इस पोस्ट के बाद से एक बार फिर उनके दिमाग की जबरदस्त तारीफ हो रही है।

सुष्मिता जब 21 साल की थीं जब उन्होंने बेटी गोद लेने का फैसला किया। ये उस समय के लिहाज से बहुत बड़ी बात थी।

बिना शादी के एक बेटी की मां बनना एक औरत और खासकर एक्ट्रेस के लिए बहुत विवादित बात थी।

इस पर अपनी राय रखते हुए सुष्मिता ने कहा था कि बेटी को गोद लेना लोगों को एक पब्लिसिटी स्टंट लग रहा है।

अगर मुझे फेम ही चाहिए तो मुझे बस मैगजीन के कवर पर आना है उसके लिए मुझे जिंदगी भर की जिम्मेदारी लेने की कोई जरूरत नहीं।

अपनी बड़ी बेटी रेने को गोद लेने के दौरान सुष्मिता को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी।

काननू 21 साल की लड़की को बच्चा गोद लेने की अनुमति नहीं दे सकता था।

हालांकि चार साल की लंबी लड़ाई के बाद सुष्मिता ऐसा करने में सफल रहीं।

दरअसल सुष्मिता ने फोस्टर केयर के लिए अप्लाई किया था तो रेने उस समय से सुष्मिता के साथ रहने लगी थी।

वो सुष्मिता को मां कहने लगी थी। अगर 6 महीने बाद कोर्ट ना कह देता तो उन्हें रेने को देना पड़ता लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

कोर्ट का फैसला सुष्मिता के हक में आया और उनके इस सराहनीय कदम की काफी तारीफ हुई।

सुष्मिता के ऐसा करने के बाद 40 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने एडाप्शन की प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था।

रेने के बाद सुष्मिता ने दूसरी बेटी अलीसा को एडॉप्ट किया था। उनके एडाप्शन में वैसी दिक्कत तो नहीं आई,

लेकिन उन्हें अलग लड़ाई लड़नी पड़ी थी। सुष्मिता बताती हैं कि 10 साल उन्हें एडाप्शन का इंतजार कर रहे

दूसरे परिवारों के साथ मिलकर इसे एक क्लास एक्शन सूट की तरह लड़ना पड़ा।

15 नवंबर को सुष्मिता केस जीतीं और तीन दिन बाद अलीसा उनके घर आईं।