RRBNTPC का सबसे बड़ा स्कैम सामने आया हैं। परीक्षा के लिए 2019 में फॉर्म भरवाए गए थे - आगे पढ़िए

इसके 2 साल तक कोई परीक्षा नहीं हुई लेकिन छात्रों के आंदोलन के बाद रेलवे बोर्ड ने 2021 में परीक्षा करवाई, लेकिन रिजल्ट नहीं दिया।

रिजल्ट के लिए छात्रों ने फिर से आंदोलन किया जिसके बाद 2022 में रिजल्ट दिया गया और यही पर छात्रों के साथ सबसे बड़ा स्कैम होता हुआ दिख रहा हैं।

RRBNTPC CBT-1 का रिजल्ट 14 जनवरी 2022 को घोषित किया गया और यही से छात्रों और सरकार के बीच विवाद हो गया।

दरअसल CBT-1 के रिजल्ट में 20% छात्रों को शॉर्ट लिस्ट करना था जो CBT-2 का एग्जाम दे पाने के लिए एलिजिबल होते।

लेकिन रेलवे ने CBT-1 में महज़ 4-5% छात्रों को शॉर्ट लिस्टेड किया और यही से छात्रों ने आक्रोश पैदा हुआ, क्योंकि नियम के अनुसार 20% छात्रों शॉर्ट लिस्ट होने चाहिए थे।

इसके आलावा कई छात्रों को एक से ज्यादा पद से दिए गए जिसमे से वो अपनी इच्छा अनुसार पद का चयन कर पाए, और वही कई छात्रों को पास तक नहीं किया।

रेलवे में इतना बड़ा स्कैम होना कोई छोटी बात बिलकुल भी नहीं है इसलिए रेलवे का ये स्कैम आग की तरह फैल गया।

छात्रों ने सरकार ने रिजल्ट इंप्रूव करने की मांग की ओर सरकार तक आवाज उठाने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल किया और हैशटैग को ट्रेंड करवा दिया।

RRBNTPC_1student_1result यह हैशटैग अभी पूरे भारत ने नंबर 1 पर ट्रेंड हो रहा हैं, छात्रों का कहना हैं की सरकार हमारी आवाज दवा नहीं सकती।

खराब ये भी हैं की रेलवे ने एक ही एग्जाम रखा जिसका मतलब हैं की ग्रेजुएशन वाले छात्र और 10+ वाले छात्र का पेपर एक ही होगा।

पेपर एक जैसा होने की वजह से ग्रेजुएशन वाले छात्र आसानी से पास हो गए, और रिजल्ट आया भी तो उसमे भी स्कैम हो गया।