भारत में कई ऐसे बड़े कलाकार और गायक हुए, जिन्होंने अपने अदाकारी और फनकारी से क्रांती ला दी। उन्हीं गायक में एक नाम लता मंगेशकर का भी है। 

उन्हे चाहने वाले लाखो में है, लेकिन अब स्वर कोकिला के नाम से प्रसिद्ध लता मंगेशकर इस दुनिया को अलविदा कह गई। 

वो अपने फैंस को अकेला छोड़ कर जा चुकी हैं। उनके जाने से भारत ने अपना एक अमूल्य रत्न खो दिया। 

फैंस को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उनकी पसंदीदा गायिका और स्वर साम्राज्ञी लता दीदी अब इस दुनिया में नहीं हैं। फैंस उनके जाने का शोक मना रहे हैं। 

फैंस के साथ-साथ पूरे देश में एक शोक की लहर दौड़ गई है। आपको बता दें कि अपने हुनर से पद्म विभूषण, पद्म भूषण और दादा साहेब फाल्के जैसे बड़े सम्मान हासिल किए।

स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी काफी समय से बीमार चल रही थी जिसके कारण उन्होंने 2 साल से अपने घर के बाहर कदम तक नहीं रखा था।

लेकिन उनके एक स्टाफ के महामारी की चपेट में आने के बाद जब उनका टेस्ट करवाया गया तो लता दीदी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। 

जिसके बाद लता मंगेशकर को बीते माह 8 जनवरी को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां वो महामारी और निमोनिया जैसी दो बीमारियों से लड़ रही थी। 

हालांकि, उन्होंने इस जंग को जीता और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। जिसके बाद उनकी तबियत में कुछ सुधार भी देखने को मिला था।

लेकिन फिर अचानक उनकी तबियत खराब होने लगी। जिसके बाद ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में ही उनका इलाज चल रहा था। 

बता दें कि 92 साल की लता दीदी का जन्म 28 सितंबर, 1929 में हुआ था। उनके पांच भाई-बहन हैं। 

उनकी तीनों बहनों के नाम आशा भोंसले, उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर है। वहीं उनके भाई का नाम हृदयनाथ मंगेशकर हैं। लता दीदी पांचों भाई-बहनों से सबसे बड़ी थी।

13 साल की छोटी उम्र में ही उन्होंने अपनी रुची गाने की ओर दिखाई और अपनी जिंदगी का पहला गाना गाया। 

इस बीच उनके पिता पं दीनानाथ मंगेशकर ने लता को काफी शिक्षा दी।

जिसके बाद लता मंगेशकर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज के समय में उन्होंने 36 भाषाओं में तकरीबन 50 हजार गाने गाए हैं।