निवेश करने के लिए कौन सा मार्केट सही हैं क्रिप्टो या फिर शेयर मार्केट? साथ ही जानेंगे की किसमे कितना फायदा और कितना नुकसान

क्रिप्टो में निवेश करने के लिए बहुत बड़ा बैंक बैलेंस की जरूरत नहीं हैं, कॉइन स्विच कुबेर से आप 80 से ज्यादा क्रिप्टो में सिर्फ 100 रुपए के साथ शुरुवात कर सकते हैं।

क्रिप्टो एक डिजिटल एसेट हैं जो ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी पर काम करती हैं जिसका मतलब हैं कोई भी बैंक या अथॉरिटी इसमें दखल नहीं दे सकती।

वही शेयर बाजार में निवेश का मतलब की आप किसी कंपनी में हिस्सेदार बन रहे हैं, अगर उस कंपनी को फायदा या नुकसान होता हैं तो आपको भी फायदा या नुकसान झेलना पड़ेगा।

आप उस कंपनी के एसेट में एक शेयरहोल्डर हो जाते हो, शेयर में निवेश करने के लिए आपको उस कंपनी के ट्रैक रिकॉर्ड को अच्छे से जानना पड़ता हैं, बिना जाने निवेश करने से पैसा डूब भी जाता हैं।

क्रिप्टो ICO द्वारा जारी होती हैं या डायरेक्ट एक्सचेंज लिस्टिंग होती हैं, क्रिप्टो की कीमतें मार्केट में सप्लाई और डिमांड पर निर्भर करती हैं।

शेयर से कितना अलग हैं क्रिप्टो?

वही शेयर IPO द्वारा जारी होते हैं और शेयरों पर उनके फंडामेंटल और अन्य मैक्रो इकोनॉमिक कारकों का असर होता हैं।

क्रिप्टो 24 घंटे और साल के 365 दिन खुला रहता हैं आप किसी भी समय इसे खरीद या बेच सकते हैं।

वल्कि, शेयर सप्ताह में पांच दिन सीमित घंटों के लिए ही काम करता हैं और राष्ट्रीय और सार्वजनिक दिनो पर अवकाश रहता हैं।

क्रिप्टो एक उतार चढ़ाओं वाला मार्केट हैं और इसमें किसी को इतना ही निवेश करना चाहिए जितने का वह जोखिम ले सकता हैं।

अगर आपने क्रिप्टोकरेंसी में जनवरी 2020 में लगभग 7 लाख रुपए का निवेश किया होता तो वह दिसंबर 2021 तक 38 लाख रुपए हो गए होते।