हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को सालों तक अपनी बाहों में बरसा कर प्यार पाने वाली रेखा का एक समय पर बॉलीवुड में सिक्का चलता था।

उनकी खूबसूरती का जादू लाखों दिलों पर था, और आज इतने सालों बाद भी उनका जादू लोगों के बीच जस का तस है।

हालांकि यह भी सच्चाई है कि रेखा जितनी अपने अभिनय और फिल्मों के लिए नहीं जानी जाती, उससे ज़्यादा वे उनके निजी जीवन के विवादों की वजह से जानी जाती है।

और विडंबना देखिए कि रेखा की पहली फ़िल्म से ही उनका नाता विवादों से जुड़ गया जो अभी तक खत्म नहीं हुआ।

आज हम आपको रेखा की उसी पहली फ़िल्म और उससे जुड़े कांड को सुनाने वाले हैं। जिस किस्से ने अपने दौर में काफी हलचल पैदा कर दी थी।

दरअसल यह बात 1969 की है, इस दौरान रेखा ‘अंजाना सफर’ फ़िल्म कर रही थी।

मगर किसी कारण से इस फ़िल्म को रोक दिया गया और फिर 10 साल बाद इस फ़िल्म को ‘दो शिकारी’ के नाम से रिलीज किया गया था।

इस फ़िल्म में एक बेहद ही प्यार भरा सीन भी था, जिसे करने के बाद रेखा रातों रात स्टार बन चुकी थी।

जिस सीन ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई उसकी सच्चाई भी बेहद ही काली है,

दरअसल यही वो सीन है जिसे फिल्माने के बहाने रेखा के को-स्टार विश्वजीत ने उनके साथ जबरजस्ती करने की कोशिश की थी।

इस बात का खुलासा खुद रेखा ने अपनी बायोग्राफी ‘रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी’ में किया गया है।

इस किताब में लिखा गया है कि सीन की आड़ में अभिनेता विश्वजीत चटर्जी उनके साथ सचमुच में जबरजस्ती करने लग गए थे।

इस दौरान रेखा उन्हें रोकने की भी कोशिश कर रही थी मगर वो फिर भी नहीं रुके।

कहा जाता है कि रेखा और विश्वजीत के बीच यह सीन तकरीबन 5 मिनट तक चलता रहा।

वहां मौजूद सारे लोग भी इस सीन का आनंद ले रहे थे और सीटियां बजा रहे थे। मगर रेखा विश्वजीत चटर्जी के इस व्यवहार की वजह से काफी असहज महसूस कर रही थी,

यहां तक कि वे इसे करने के बाद रो तक दी थी। बता दें रेखा उस वक्त महज़ 15 साल की ही थी जबकि विश्वजीत चटर्जी उनसे 25 साल बड़े थे।

कहा जाता है कि फ़िल्म के इस सीन के बारे में रेखा को नहीं बताया गया था।

उनके साथ इसे धोखे से फिल्माया गया था। इस दौरान डायरेक्ट राजा नवाठे ने भी कट नहीं बोला और यह सीन चलता रहा।