Jenkins Kya hota hai | Jenkins kaise use karte hai?

अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर या फिर सॉफ्टवेयर डेवलपर है तो यह आपको पता होगा की पूरा कोड्स हमे एक दम सही से लिखना होता है अगर थोड़ी भी गलती हुई तो पूरा प्रोग्राम खराब हो सकता है कहने का मतलब है कोड्स सही से लिखे नहीं होंगे तो एरर दिखाएगा, इसलिए यह जेंकिंस बनाया गया इसलिए आज आपको मेरी इस पोस्ट Jenkins Kya hota hai | Jenkins kaise use karte hai? आज जरूर पढ़ना चाहिए।

दोस्तों मान लो आप कोई बहुत बड़ी एप्लीकेशन या कोई वेबसाइट बना रहे है जिसमे आपने बहुत सारे कोड्स लिखे हुए है और अगर कहीं भी गलती हुई तो कोड्स वर्क नहीं रहेगा यह आपको पहले से पता है लेकिन क्या होगा जब आपने बहुत सारे कोड्स लिखे हो और एरर आ तथा इससे भी मुश्किल तब होगी जब आपको वह एरर भी नहीं मिलेगा।

क्यूंकि एप्लीकेशन बनाते वक्त लंबे लंबे कोड्स लिखने होते है और कहीं भी छोटा सा भी एरर आया तो आपको पूरे कोड्स फिर से चैक करने पड़ेंगे जिसमे आपका डबल टाइम लगेगा और काम भी ढंग से नहीं हो पाएगा।

लेकिन कभी ऐसा हो की कोड्स रन करते समय एरर आने पर पता चल जाए की कहां एरर है तो ऐसे में आपको पूरे कोड्स देखने नहीं पड़ेंगे और आपको उसको बहुत जल्दी सॉल्व करने में काफी मदद मिलेगी।

इसी प्रोब्लेम को दूर करने के लिए बनाया गया जेंकिंस, जो भी मेरे भाई या बहन कोडिंग करते है उनको यह पोस्ट Jenkins Kya hota hai | Jenkins kaise use karte hai? है जरूर पढ़नी चाहिए क्यूंकि इससे आपको बहुत ज्यादा मदद मिलेगी।

कंटिन्यू इंटेग्रेशन से पहले क्या था?

इसे हम एक उदाहरण से समझेंगे क्यूंकि अगर मैंने टेक्निकल टर्म में बताया तो आपको कुछ समझ नहीं आएगा।

एक टीम है जो किसी एप्लीकेशन या सॉफ्टवेयर को बना रही है कुछ लोग कोड लिख रहे है तो कुछ लोग उसके बैक में काम कर रहे है जैसे कोड्स के बग्स को देखना, इन्फ्रिक्वेंट रिलीज़ करना जो बग सामने आए है उनकी नोटिफिकेशन देना। मान लीजिए 5 लोग सॉफ्टवेयर के कोड्स को लिख रहे है तथा उसके आगे की प्रोसेस बाकी लोग कर रहे है।

# कोड लिखने के बाद उसको रन किया जाता है ऐसे कोई अगर कोई एरर सामने आती है तो उसको बग कहां जाता है।

और अब सारे कोड्स जो बैक में काम कर रहे है उनके पास जायेंगे ताकि कोड्स के बग्स को पकड़ कर फिक्स कर सके, मान लीजिए बग फिक्स करने वाले डिपार्टमेंट को कोड्स में कोई बग मिला तो इसके बाद वो लोग इन्फ्रिक्वेंट रिलीज़ करेंगे फिर टीम को बग के बारे में नोटिफिकेशन देंगे।

बग पता लगाने वाली टीम ने इतना बता दिया कि आपके कोड्स में बग है लेकिन अब कोड्स लिखने वाले लोग हज़ारों लाइन के कोड्स में कहां बग है इसे कैसे ढूंढेंगे, अब क्यूंकि कोड्स बहुत ज्यादा है और हाजरो लाइन में है इसलिए उन्हें सारे कोड्स फिर से देखने पड़ते थे जिससे समय बहुत ज्यादा लगता है। अब बात करते है कंटिन्यू इंटेग्रेशन आने के बाद क्या क्या बदलाव आए।

कंटिन्यू इंटेग्रेशन

कंटिन्यू इंटेग्रेशन आने के बाद कॉडर्स को बहुत बड़ी राहत मिली है तथा उनका समय भी बचता है इसके ही साथ कोड्स के बग के लिए उनको सारे कोड्स चैक करने की जरूरत नहीं पड़ती।

यह आने के बाद यह बदलाव आए की अब कोडर्स को बग देखने के लिए पूरा कोड्स लिखकर किसी भी बग डिपार्टमेंट तक अपने कोड्स को भेजने की जरूरत नहीं है, यह आने के बाद अब जैसे ही कॉडर्स कोड को लिखते है तो वहीं के वहीं उनके कोड्स सिस्टम के द्वारा चैक हो जाते है जिससे तुरंत उसके बग के बारे में पता लग जाता है।

इससे यह बदलाव हुआ की बग की नोटिफिकेशन कॉडर्स को समय पर ही मिल जाती है जिससे उसी समय इस बग को फिक्स किया जा सकता है तथा इसके ही साथ बग के बारे में फीडबैक भी दिया जाता है जैसे बग को फिक्स करें।

Before कंटिन्यू इंटेग्रेशन और After कंटिन्यू इंटेग्रेशन

अब दोनों के बीच में क्या अंतर होता है इसे भी समझ लेते है ताकि आपको भी बहुत अच्छे से समझ में आ जायेगा।

1. Before Continue Integration

1. पूरा सोर्स कोड बनने के बाद टेस्ट किया जाता था।
2. डेवलपर्स को टेस्ट रिजल्ट के लिए इंतज़ार करना पड़ता था।
3. इसमें कोई फीडबैक नहीं मिलता था।

After Continue Integration

1. सोर्स कोड की लगभग सभी लाइन को बनाते वक्त ही टेस्ट किया जाता है।
2. इसमें डेवलपर्स को सोर्स कोड के रिज़ल्ट के बारे में तुरंत पता चल जाता है।
3. इसमें फीडबैक भी दिया जाता है।

जेंकिंस क्या होता है

जेंकिंस एक ओपन सोर्स कंटिन्यू इंटेग्रेशन टूल है जो जावा के फ्रेमवर्क पर वर्क करता है इसका मतलब है कि अगर आपको इस टूल को इस्तेमाल करता है तो जावा का होना बेहद जरूरी हो जाता है।

इसमें जेंकिंस के अंदर कई सारे प्लग-इन होते है जो इसके काम को बेहद आसान बना देते है, तथा यह आप किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में इस्तेमाल कर सकते है।

निष्कर्ष

दोस्तों मुझे पूरी उम्मीद है मेरी इस पोस्ट Jenkins Kya hota hai | Jenkins kaise use karte hai? इससे आज आपको कुछ नया सीखने को मिला होगा, अगर आप सॉफ्टवेयर डेवलपर है तो विषय आपके लिए और भी जरूरी है जाता है।

जेंकिंस एक स्मार्ट टूल है जो आपके कोडिंग में छुपे एरर को आपके सामने लाता है तथा उसको कैसे सॉल्व करें हमें यह भी बताता है इसी सहायता से कई सारे काम बहुत आसान हो जाते है, मुझे उम्मीद है मेरी पोस्ट आपको जरूर पसंद आई होगी।

अगर आपको इस पोस्ट से कुछ भी सवाल है तो हमसे बेझिझक कॉमेंट बॉक्स में पूछ सकते है हम पूरी कोशिश करेंगे आपके सवालों के जवाब जल्द से जल्द देने की, तथा इस पोस्ट को अंत तक पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद।

Hello friends, I am "Rahul" Author & Founder of TechySeizer.in. If I Talking about my education I am in BSC 3rd year. I love knowing things related to technology and teaching others. Just keep supporting our content, we will keep giving you new information :)

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